व्हाट्सएप की सफलता

आज कल सबके पास Android फोन है और उसमे एक ऐसा अप्लीकेशन है जिसके बिना हमारा फोन कुछ काम का नहीं होता उस अप्लीकेशन का नाम है। – व्हाट्सएप (WhatsApp)। क्या आपको पता है की व्हाट्सएप की शुरुवात 2009 में हुई और आज की तारिख में उसके 60 करोड़ से ज्यादा यूजर है। और आज कल लोगों के संपर्क का साधन बना हुवा है। तो आज हम जानते है की व्हाट्सएप की शुरुवात कैसी हुई और इसके पीछे का इतिहास / Whatsapp Story. मिस्टर ब्रायन ऐक्टन / Brian Acton जो आज व्हाट्सएप के co-founder है उन्होंने 2009 में जॉब के लिये Facebook में अप्लाई किया वो Facebook कंपनी में जॉब करना चाहते थे लेकीन उनको वहा से रिजेक्ट किया गया। बाद में उन्होंने व्टिटर पर भी जॉब के लिये कोशिश की लेकीन वहा भी उनके हाथ में निराशा ही आयी। जब किसी के साथ ऐसा बार – बार होता है तब उसे अपनी योग्यता पर, अपने Talent पर शक होने लगता है। बहुत से लोग अपनी जिंदगी से हार मान लेते है। परेशान होकर तनाव में आ जाते है।

लेकीन ब्रायन ऐक्टन को खुद पर विश्वास था। कुछ कर दिखाने की इच्छा थी। उनके अंदर खुद को साबीत करने की आग थी। उन्होंने दुसरे लोगों की तरह हार मानने की जगह, परेशान होने की जगह अपने दोस्त के साथ मिलकर रात-दिन मेहनत करके एक ऐसा अप्लीकेशन बना डाला जिसे पूरी दुनिया ने सर पर बिठा दिया। व व्हाट्सएप अप्लीकेशन बनाने के पहले जिस Facebook कंपनी ने WhatsApp अप्लीकेशन बनाने वाले ब्रायन ऐक्टन को रिजेक्ट किया था उसी को ठीक 5 साल बाद फेसबुक कंपनी ने ब्रायन ऐक्टन के व्हाट्सएप अप्लीकेशन को 19 बिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपयों में एक लाख करोड़ से भी ज्यादा रुपयों में खरीदा। ब्रायन ऐक्टन जिस कंपनी में काम मांगने गये थे आज उसी कंपनी के मेजर शेयर होल्डर बन गये।

देखा दोस्तों, जिसे खुद पर विश्वास हो मेहनत करने की तैयारी हो उसे हर हाल में सफलता मिलती है। आप अपनी असफलता को किस तरह लेते है। इसपर आपकी सफलता निर्भर करती है। अगर हम अपनी असफलता को एक मौका समझकर आगे बढ़ने की उपयोग में लेते है तो आपको एक ना एक दिन सफलता जरुर मिलेंगी।याद रखना की एक हार जिंदगी की हार नहीं होती और हमेशा ये कहते रहना की – I am Champian, I am Champian.


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